क्रूड आयल का भाव 5 डॉलर फिसला, जानिए क्यों आई यह गिरावट

यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमिडियट फ्यूचर्स भी 5.08 डॉलर यानी 4.6फीसदी गिरकर 104.44डॉलर प्रति बैलर पर आ गया।इससे पहले दोनों कांट्रेक्ट में बुधवार को 6-6डॉलर की कमी आई थी

क्रूड आयल (Crude Oil)प्राइस बुधवार को करीब 5डॉलर गिरा।इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडने का फ्यूल पर टेक्स घटाने का फैसला है। अमेरिका में फ्यूल फीसदी गिरकर होने से लोगो को दिक्कतों का सामना करना पद रहा है। ब्रेट क्रूड फ्यूचर्स (Brent Crude Futures)4.65डॉलर यानी 4.1फीसदी गिरकर 110डॉलर प्रति बैरल पर आ गया ।

यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमिडियट फ्यूचर्स भी 5.08 डॉलर यानी 4.6गिरकर 104.44डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे पहले दोनों कांट्रेक्ट में बुधवार को 6-6डॉलर की कमी आई थी।इससे प्राइसेज 19मई के निचले स्तर पर पहुंच गए।

बाइडेन गैसोलीन पर टेक्स को तिन महीने तक निलंबित रखने का प्रस्ताव पेश कर सकते है।वह राज्यों को भी फ्यूल पर टैक्स घटाने को कह सकते है।हालांकी,अमेरिका की दोनों प्रमुख राजनीती दलों ने टैक्स को निलंबित करने की योजना का समर्थन नही किया है।

इस हफ्ते सात बड़ी आयल कंपनियो के सीईओ के साथ बातचीत में अमेरिका सरकार ने कंपनियो को प्रोडक्शन बढाने के उपायों पर विचार करने को कहा था।सरकार ने कंपनियो से फ्यूल प्राइसेज में करीब 5 डॉलर प्रति गैलन की कमी करने को भी कहा था।सरकार का मानना था की आयल कंपनिया बहुत प्रॉफिट कमा रही है।जिससे वे कमी कर सकती है।

इधर, इंडिया में भी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों से राहत देने के लिए टेक्स में कमी कर चुकी है।पिचले एक महीने से ज्यादा वक्त से सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम भी नही बढाए है।इंडिया में इन्फ्लेशन में उछाल को देखते हुए सरकार ने ईंधन पर टेक्स घटाया था।रिटेल इन्फ्लेशन में उछाल में फ्यूल और फ़ूड की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है।

युक्रेन क्राइसिस शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल आया था।तब ब्रेट क्रूड 130 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया था।हालांकी, उसके बाद से कीमतों में नरमी आई है।रूस आयल का बड़ा एक्सपोर्टर है।अमेरिका सहित पश्चिमी देशो ने उसके आयल पर प्रतिबंध लगाया है।इससे क्रूड की सप्लाई घट गई है।इसका असर कीमतों पर पड़ रहा है।

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